Tuesday, August 14, 2018

सूरज के घोड़े १

यह काल्पनिक कहानी है अगर इसका कहीं किसी कहानी से मेल होता है क्या किसी लघु कथा संबंधित है तो इस विषय में हमें नहीं पता क्योंकि यह मेरे  मन की एक काल्पनिक उपज है

ईश्वर ने जब धरती को बनाया और उसमें छोटे छोटे जीवों का अवतरण हुआ तब उसने सोचा नहीं होगा कि इंसान इतना बुद्धिमान हो जाएगा कि वह उसके विषय में ही चिंतन करने लगेगा और नई-नई खोजें कर उसके होने तथा ना होने के विषय में शोधकर्ता करता रहेगा

यह बात उस समय की है जब धरती की शुरुआत हुई तथा इस दहकते हुए गोले में जीवों का प्रारंभ हो गया  पेड़ बन गए कोपले फूट गयी और प्रकृति ने अपना रंग बिखेरना प्रारंभ कर दिया हरे-हरे पहाड़ों से गिरी हुई घाटियां लाल पीले पुष्पों से रोशन जब भी सूर्य की रोशनी पड़ती तो ऐसे चमकती जैसे पूरा इंद्रधनुष जमीन पर उतर आया और उसी समय इंसानों का आगमन हुआ इंसान तो बुद्धिमान था तो उसने नए नए प्रयोग प्रारंभ किए बलशाली व्यक्ति राजा बन गया कमजोर प्रजा बन गयी बुद्धिमान व्यक्ति राजा के सेवक बन गए और प्रजा का जीवन चलने लगा पर प्रकृति का नियम है की दुख के बाद सुख और सुख के बाद दुख आना ही है और ऐसा ही होना ही चाहिए क्योंकि बदलाव ही संसार का नियम है कुछ राजा अच्छे भी थे कुछ बुरे भी बुराई हमेशा ही जीती आई है हां हां अंत समय भले ही उसे हार मिले पर उस का प्रथम प्रहर हमेशा ही अच्छाई को तोड़ने के लिए काफी रहता है और ऐसा ही हुआ वहां राजा के का हाल दूसरे राजा ने आक्रमण कर दिया और सब कुछ लूट कर राजा को बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया पर इस बदलाव से प्रजा खुश नहीं थी पर क्या करते हैं उसके पास तो क्षमता ही नहीं थी कि वह किसी से लड़ पाए पर समय चक्र जो है वह बहुत तीव्र होता है समय बदला वही प्रजा में एक लकड़हारा रहता था उसका एक पुत्र था तथा उसकी माता राजा के महल में कार्य करती थी लेकिन जब से दूसरे राजा ने आक्रमण कर दिया था उसकी मां लापता हो गई थी जिस कारण पिता और पुत्र अत्यंत चिंतित रहते थे पर पुत्र अपनी मां से मिलने की लालसा में अनेकों जतन करता कि वह किसी तरह महल पहुंच जाए और अपनी मां की खोज करें और एक दिन वह किसी तरीके महल जाने वाली बैलगाड़ियों में छिपकर महल के अंदर पहुंच जाता है और धीरे-धीरे वह अपनी मां की तलाश करने लगता है पर काफी समय तक तलाश करने के बावजूद भी उसकी मां का पता नहीं चलता और रात भी हो जाती है रात हो जाने के कारण पिता उसके चिंतित होते हैं कि उनका पुत्र किधर चला गया रात में वह अपनी मां की तलाश जारी रखता है चिपका हुआ एक कमरे से दूसरे कमरे सैनिकों से बस्ता बचता बचाता किसी तरीके कारागार के पास पहुंच जाता है के पास पहुंचने पर
उसे पता चलता है कि उसकी मां का राजा ने कत्ल करवा दिया क्योंकि वाह वहां कार्य नहीं करना चाहती थी यह सुनते ही उसका पुत्र जोर जोर से रोने लगा और बाहर की तरफ भागने लगा और उसे भागते समय राजा के सैनिकों ने देख लिया कुछ समय पश्चात उन सैनिकों ने उसको पकड़ लिया आओ और राजा के समक्ष प्रस्तुत किया पुत्र अपनी मां की मृत्यु से इतना कुपित था कि कि उसने राजा के ऊपर प्रहार करने की कोशिश की जिससे राजा ने क्रोध में आकर उसको जंगल में किसी गुफा में बंद करने का आदेश दिया दूसरी सुबह राजा के सैनिकों ने उसको ले जाकर किसी अनजान गुफा में बंद कर दिया और वहां से चले गए वह अकेले उस गुफा में बाहर निकलने के साधन खोजने लगा और कभी हाथों से जमीन को खोदता कभी कभी पत्थर को धकेलता कभी ऊपर की तरफ़ पत्थर मारता  पर उसको रास्ता नहीं दिखाई देता काफी देर तक बंद रहने के बाद फिर से रात आ गई वह रात में बैठा ही था क्यों उसे अचानक एक जगह एक छोटी सी रोशनी दिखाई दी उसने उस रोशनी को हाथ से छुआ और उसे उसे खोजने लगा तब उसे एक घड़ा नुमा आकृति का बक्सा दिखा जिसको खोलने पर उसमें एक छोटी सी सफेद मोती दिखाई दी उस मोती को उसने हाथ मे लिया तो वह फूट गयी और उसमें से एक  छोटी सी परी निकली  वह उसको देख कर डर गया । फिर उस परी ने कहा कि डरो मत मैं अपनी कहानी बताती हूं उसमे अपनी कहानी बताई की किस तरह वह यहां आयी ।
बच्चे ने भी अपनी पूरी कहानी परी को बताई की उसको माँ से मिलना है परी ने कहा कि मैं मदद करुँगी।
फिर परी ने बताया मैं एक सुंदर  स्वप्नलोक की एक परी हु मेरे राज्य में सारे लोग बहुत ही छोटे और प्यारे है पर एक दिन वो सारे लोग बुरे हो गए और आपस मे लड़ने लगे तब मेरी माँ ने मुझे मोती बना दिया और छिपा दिया मैं वापस भी वापस जाना चाहती हूँ तुम मेरी मदद करो मैं तुम्हारी करुँगी, उस छोटी सी पारी ने जादू किया अब दोनों लोग गुफा से बाहर आ गए  और परी के घर की खोज में निकल पड़े , खोजते खोजते जब वो घने जंगल मे पहुँचे तो उनको एक अजीब से गुघराले बालों वाला पेड़ दिखा उसमे एक गुप्त दरवाजा था वो दरवाजा परी ने खोला पर वो बहूत छोटा था । अब परी ने उस लड़के को छोटा बना दिया दोनों लोग स्वप्नलोक की ओर निकल पड़े रास्ते मे उनको छोटे छोटे पहाड़ दिखे वो लोक आपकी इच्छा को सामने लाने वाला था जो माँगो सामने जो सोचो सामने आ जाता था । जब वो लोग परी के गाँव पहुँचे वहाँ पर सब अंधेरा अंधेरा था लोग काले हो गए थे अब सब अजीब था अब परी अपने परिवार की खोज करने लगी तब उसने अपनी बहन को देखा उसके पँख काले हो और वो डरावनी हो गयी है । आगे जाकर उन्हें एक गुप्त मंदिर दिखा जहाँ एक बहूत पुरानी चीजे पड़ी थी उसमें से एक किसी परी का पँख था उसमें लिखा था जब घोड़े वापस आयेगे तब सब सही होगा उनको वापस लाओ । घोड़ो की तलाश में दोनों लोग निकल पड़े बहूत खोजने के बाद उनको एक गुप्त गुफा मिली जिसके अंदर एक काली परी रहती थी वो घोड़े को चोरी करने से सफेद हो गयी थी जब वो लोग गए तब वो सो रही थी । तब उस बच्चे ने पहली बार सूरज में घोड़ो को देखा यह वो घोड़े है जो हर इच्छा पूरी कर सकते परी ने कहा उस लड़के ने काली परी की जादुई छड़ी तोड़ दी और छोटे छोटे घोड़ो को आजद कर दिया फिर वो स्वप्नलोक पहले की तरह हो गया । तब परी ने एक घोड़ा लड़के को दिया और बोली इसको लेकर जाओ और अपनी माँ को वापस ले आओ वो घोड़े में सवार होकर निकल पड़ा और उड़ता हुआ एक दिव्यलोक में पहुँचा जहाँ सब मरे लोग आ रहे थे कई जा रहे थे अब वो वहाँ अपनी माँ को खोजने लगा तब उसको उसकी माँ एक पेड़ के नीचे दिखी और अपनी माँ से मिलकर बड़ा खुश हुआ और उनको उस घोड़े में बिठाकर वापस ले आया और खुशी से रहने लगा ।

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