Thursday, January 16, 2020

पेड़ का भूत

एक बहुत पुराना बंगला वीरान ही रहता था लोग कहते थे कि उस बंगले में जो आम का पेड़ है उसमें कोई भूत रहता है कई लोगों ने वहां पर उस भूत को चलते फिरते देखा इसलिए वहां पर कोई रहने नहीं आता है आपस में कुछ बंगले की बातें करते रहते थे !!!।

पर कुछ ही समय पहले उस बंगले में मीनू नाम की लड़की अपने परिवार अपने के साथ रहने आई !!!
 वहां के लोगों ने मीनू के पिताजी से उस बंगले में रहने के लिए मना किया पर वह नहीं माने और कहते कि भूत प्रेत कुछ नहीं होता !!!
 उस बंगले में मीनू भी खूब मस्ती करती खूब कहानियां सुनती !!!  अपनी मम्मी से !

कुछ समय बाद पास के ही स्कूल में मीनू ने दाखिला ले लिया !! मीनू के हंसमुख स्वभाव के कारण उसकी बहुत सी सहेलियां बन गई लता वीवो उनमे सबसे ख़ास थी एक दिल लता मीनू को  अपने घर ले गई
लता - मीनू आज घर मे खूब खेलेंगे वीवो भी आती होगी 
मीनू - वीवो का घर कहाँ है !!!!
लता - वो बगल वाला ॥॥
लता की मम्मी - मीनू और लता बेटा पहले कुछ खा लो फिर खेलो !!!
लता - हा मम्मी आयी!!!

 मीनू ने कहा  - क्यों ना तुम मेरे घर भी आओ मेरे मम्मी बहुत अच्छा पास्ता बनाती हैं 
 लता - तुम्हारा घर  कहां पर है।  ?

मीनू-  पुरानी हवेली नहीं है उसी में  रहती हूं मैं 

लता-  मेरी मम्मी कहती है कि उस हवेली का एक आम का पेड़ है उस पर में भूत रहता है

 मीनू - सच्ची 
 लता - हां माली बाबा भी कहते हैं की वहां मत जाया करो तुम भी मत जाना उस पेड़ के पास !!!!
मीनू यह सुनकर डर गई और वह जब घर आई तो तब उसने अपनी मम्मी से कहा!!!!!!

 मम्मी ने कहा-  नहीं बेटा वह मजाक कर रहे हैं यहां पेड़ में कोई भूत नहीं रहता

 कुछ दिनों बाद मीनू चोरी से उस पेड़ के पास गई तो उसने देखा वहां एक छोटा बच्चा रो रहा था मीनू उसके पास गई!!

मीनू-  तुम कहां रहते हो उसने कहा इस पेड़ में मीनू अच्छा बॉल खेलोगे मेरे पास बॉल हैं आओ दोनों लोग खेलते हैं  
कुछ ही दिनों में मीनू की बच्चे से दोस्ती हो गई और दोनों लोग  साथ खेलने लगे पर और साथ रहने लगे मीनू भी साथ में खेलती और खूब मस्ती करती !!!!
मीनू ने स्कूल में अपनी सहेली लता और वीवो को भी बताया कि मेरा एक और दोस्त है वो हवेली में रहता है बहुत अच्छा है। 

 एक दिन लता और वीवो मीनू से मिलने उसके घर आई !!

मीनू - आज तुमको अपने नए दोस्त से मिलाते हैं उसका नाम टुकटुक है वह आम के पेड़ में रहता है उसमें कोई भूत नहीं वहाँ तो केवल टुकटुक रहता है वह मेरा दोस्त है 

जब विवो और लता उस पेड़ के पास गए तो टुकटुक केवल मीनू को दिख रहा था और किसी को नहीं यह देखकर दोनों बच्चे भाग गए और मीनू की मम्मी से शिकायत करने लगे ।!!!

लता - आंटी  मीनू ने भूत से दोस्ती कर ली है !!!! 

और लता और वीवो ने मीनू से दोस्ती तोड़ ली !!!
अब मीनू से स्कूल में कोई नही बात करता मीनू उदास रहने लगी !!!
और अब जब मीनू स्कूल जाती तो वहां के बच्चे मीनू को चिढ़ाते की इसका दोस्त भूत है इससे मत बोलो यह सुनकर मीनू और उदास हो जाती!!!!

 एक दिन मीनू उदास होकर रो रही थी तभी टुकटुक पास आया बोला !!!!

टुकटुक - मीनू क्यों रो रही हो !!

मीनू - टुकटुक कुछ नहीं ! स्कूल के बच्चे  मुझे चिढ़ाते हैं कि तुमने भूत से दोस्ती कर ली है 

टुकटुक -  उदास मत हो रो मत मैं कुछ करता हूं!!!

 दूसरे दिन टुकटुक मीनू के साथ स्कूल जाता है और जो बच्चा मीनू को चिढ़ाता है उसको अपने जादू से गायब कर आम के पेड़ में टांग देता है!!!! 
अब सब मीनू से डरने लगे !!!,
इस तरह बच्चे गायब होने लगे सबके सब के परिवार पेरेंट्स  मम्मी पापा अपने - अपने बच्चों को खोजते खोजते मीनू के घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके बच्चे बेहोशी की हालत में आम के पेड़ में टंगे हुए हैं !!
उन्होंने मीनू की मम्मी को  बुलाया   !!!!

मीनू की मम्मी - यह क्या  तब मीनू ने सारी बात उनको बता दी!!!!

 मीनू - ने  टुकटुक से कहा कि तुम इन सारे बच्चों को छोड़ दो यह सब हमारे स्कूल के साथी हैं!!!

 टुकटुक में मीनू की बात मानी और सारे बच्चों को छोड़ दिया फिर!!

  मीनू की मम्मी ने मीनू  से  टुकटुक को  बुलाने के लिए कहा!!!

 मीनू - आवाज दी !!! टुकटुक - टुकटुक !!!!

टुकटुक सामने आ गया!!!!  पर वह मीनू की मम्मी को नहीं दिख रहा था???

  मीनू -  टुकटुक प्लीज मम्मी को भी दिखाई दो फिर टुकटुक  मीनू की मम्मी को भी दिखने लगा !!!!! 

मीनू के मम्मी ने पूछा -  टुकटुक तुम इस तरह कैसे बन गए  तुम्हारे साथ क्या हुआ???

  टुक टुक-   मेरी मम्मी पापा कार एक्सीडेंट में  मर गए थे  मैं अकेला  इस घर में  था  !!! दादी के साथ !

एक दिन कुछ चोर चोरी करने आए  क्योंकि घर में मैं मेरी दादी थी उन लोगो ने मेरी दादी को मार दिया !
 मैंने देखा और मैं ऊपर जाकर खिड़की से कूद गया और इस आम के पेड़ नीचे गिरकर मर गया !!!  
 पता नहीं कब मैं !!!
और इस आम के पेड़ में ही रहने लगा मैं बहुत दिनों तक अकेला रहा मुझे कोई साथी नहीं मिला ना मुझसे कोई बात करता था ना  , मेरे साथ कोई खेलता था  , ॥॥ 
अब मैं मीनू के साथ खेलता हूं मुझे अच्छा लगता है  !!

मीनू की मम्मी -  कोई बात नहीं  तुम मीनू के अच्छे दोस्त हो दोनों लोग खेलो और जो मन हो करो !!!!

फिर एक कुछ दिन बाद मीनू की मम्मी  एक साधु बाबा के पास गई उन्हें पूरी बात बताई !!!!

बाबा -    उस बच्चे की आत्मा को उस पेड़ से आजाद करना होगा इसके लिए तुमको उस पेड़ की एक लकड़ी के टुकड़े को यहां लाना होगा !!!!!

मीनू की मम्मी-  दूसरे दिन पेड़ की लकड़ी के टुकड़े को लेकर बाबा के पास गयी !!!!

 बाबा-  मैं इस पेड़ की लकड़ी के टुकड़े पर अपना मंत्र  करता हूं और मंत्र द्वारा इसे उस लड़के को मुक्त करने के लिए बनाता हूं !!!!

मीनू की मम्मी - जी बाबा!!!

मीनू की मम्मी को बाबा ने वह लकड़ी दी  -  कहा की रात में उस पेड़ के नीचे जाकर कुछ लकड़ी को गाड़ कर जला देना जिससे उस लड़के की आत्मा   को मुक्ति मिल जाएगी और वह इस दुनिया से चला जाएगा!!!

 कभी किसी को परेशान नहीं करेगा !!

मीनू की मम्मी - जी बाबा  धन्यवाद !!

घर आकर मीनू की मम्मी ने वही किया जो बाबा जी ने कहा था !!!
यह करने के बाद टुकटुक पेड़ से बाहर निकला और आसमान  की तरफ हाथ के इशारे से टाटा करते हुए उड़ गया या देखकर मीनू हंसते हुए बाय बाय करती रही!!! 
 
!!!

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