लाल बुझक्कड़ की कहानियां शायद किसी ने ही ना सुनी हो इनको हमारी दादी या नानी सुनाती होंगी लाल बुझक्कड़ भारत की लघु कहानियों से निकलकर मनोरंजन और हंसी युक्त व्यंग की कथाओं का एक अद्भुत संयोग है एक अद्भुत रचना है
प्राचीन काल में एक गांव था वहां के सरपंच का नाम लाल बुझक्कड़ था उनको काफी विद्वान माना जाता था क्योंकि गांव के लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे इसी कारण वह अपनी सारी समस्याओं को लाल बुझक्कड़ यानी सरपंच के पास ले जाते थे और सरपंच जी भी अपनी वाहवाही के लिए गलत-सलत तरीके से उस समस्या का निवारण कर देते थे इसी कारण गांव में वह बहुत ही प्रसिद्ध और बुद्धिमान माने जाने लगे उनकी स्थिति इस तरह की थी जैसे "अंधो में एक काना राजा "एक समय की बात है कि गांव में एक हाथी आ गया उस गांव में किसी ने हाथी को पहले नहीं देखा था जब हाथी चला गया तब सुबह लोगों ने उसके पैरों के निशान देखे और चकित होकर एक दूसरे के चेहरे देखते हुए सोचने लगे कि यह क्या है तब उनमें से एक ने कहा चलो सरपंच के पास चलते हैं या उनको बुला कर लाते हैं वह ही बता सकते हैं कि यह है क्या किसी ने सरपंच को बुलाया अब लाल बुझक्कड़ को भी नहीं पता कि क्या है दरअसल वह हाथी के पैरों के निशान थे अब लाल बुझक्कड़ सोचने लगे कि यदि हम नहीं बता पाएंगे तो लोगों के बीच हमारी प्रसिद्धि कम हो जाएगी तो उन्होंने कहा अरे यह यह कुछ नहीं है यह जो निशान है यह हिरण की शैतानियों के हैं और वह शैतानी करने के लिए अपने पैर में चक्की बांधकर उछलने लगा होगा जिस कारण या निशान बन गए ।
जाने बात बुझक्कड़ और
ना जाने कोए पांव में चाकी बंद कर
हिरण ना कुंदा होए
ना जाने कोए पांव में चाकी बंद कर
हिरण ना कुंदा होए
आप सभी गांव वाले यह सुनकर आश्चर्यचकित हो गए की लाल बुझक्कड़ जी को सभी बातों का पूर्णता ज्ञान है और उनकी प्रशंसा करने लगे तभी अचानक किसी ने बहुत दूर किसी पेड़ के किनारे हाथी बैठे हुए देखा अब क्या था लोगों ने पूछ फिर पूछा की लाल बुझक्कड़ जी यह क्या है
अब लाल बुझक्कड़ कुछ सोचे और बोले
अब लाल बुझक्कड़ कुछ सोचे और बोले
जाने बाद बुझक्कड़ और ना जाने कोए और रात भर की अंधेरिया दुबक के बैठी होय
उन्होंने कहा की आज सूरज अचानक निकल आया होगा जिस कारण अंधेरा डर के मारे पेड़ के किनारे छिपकर बैठा है और अंधेरा होने का इंतजार कर रहा है यह सुनकर सभी लोग बड़े खुश हुए और लाल बुझक्कड़ की बड़ाई करते हुए तालियां बजाने लगे इसी तरह लाल बुझक्कड़ ने कई समस्याओं का हल किया ।

thanks for the story...
ReplyDeleteBhut pyari hai.
ReplyDeletemast h
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteGud
ReplyDeleteBook me lesson 2
ReplyDeletemere maa ki bachapan ki khani hai .aaj mujhe sunai.ishiliye search kiya
ReplyDeleteमेरे कोर्स (बाल भारती)में थी ये कहानी
ReplyDeleteआज यादें ताजा हो गईं
बहुत अच्छा लगा
और कोई कहानी हो उस समय की कहानियां तो यहां शेयर जरूर कीजियेगा ...धन्यवाद..।।
जी,
Deleteकक्षा 2 मे
Mere class 2 me thi lesson 2nd
ReplyDelete1997 M.P.
जी
Deleteread in class 3 in 2002, only remember the part paon me chki band kar hiran na kuda hoye...
ReplyDeleteInteresting story ✌️✌️✌️✌️💐💐💐
ReplyDeleteAmazing and interesting solution of problems.Dr Anupam Bansal
ReplyDelete1 no
ReplyDeleteNice👍
ReplyDeleteबचपन याद आ गया
ReplyDeleteबहुत बढ़िया कहानी टाईपिंग की गलती ने अनेक शब्द बदल दिए। मज़ा खराब हो गया।
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