Thursday, February 9, 2017

लाल बुज्जकड की कहानी

लाल बुझक्कड़ की कहानियां  शायद किसी ने ही ना सुनी हो  इनको  हमारी दादी या नानी  सुनाती होंगी  लाल बुझक्कड़  भारत की  लघु कहानियों से निकलकर  मनोरंजन  और  हंसी युक्त  व्यंग की कथाओं का  एक  अद्भुत संयोग है  एक अद्भुत रचना है
प्राचीन काल में  एक गांव था  वहां के  सरपंच का नाम लाल बुझक्कड़ था  उनको काफी विद्वान माना जाता था क्योंकि गांव के लोग  ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे  इसी कारण  वह अपनी सारी समस्याओं को  लाल बुझक्कड़  यानी सरपंच के पास  ले जाते थे  और सरपंच जी भी  अपनी वाहवाही के लिए गलत-सलत तरीके से  उस  समस्या का निवारण कर देते थे  इसी कारण गांव में  वह बहुत ही  प्रसिद्ध  और बुद्धिमान माने जाने लगे  उनकी स्थिति  इस तरह की थी  जैसे "अंधो में  एक काना राजा "एक समय की बात है  कि गांव में  एक हाथी आ गया  उस गांव में  किसी ने  हाथी को पहले नहीं देखा था  जब हाथी  चला गया  तब सुबह लोगों ने उसके पैरों के निशान देखे  और  चकित होकर  एक दूसरे के चेहरे देखते हुए  सोचने लगे  कि यह क्या है  तब उनमें से एक ने कहा चलो सरपंच के पास चलते हैं  या उनको बुला कर लाते हैं वह ही बता सकते हैं  कि यह है क्या किसी ने  सरपंच को बुलाया  अब लाल बुझक्कड़  को भी नहीं पता  कि क्या है  दरअसल वह  हाथी के पैरों के निशान थे  अब लाल बुझक्कड़ सोचने लगे  कि यदि हम नहीं बता पाएंगे  तो लोगों के बीच हमारी प्रसिद्धि  कम हो जाएगी  तो उन्होंने कहा  अरे यह  यह कुछ नहीं  है  यह जो निशान है  यह हिरण की शैतानियों के हैं और वह शैतानी करने के लिए अपने पैर में  चक्की बांधकर  उछलने लगा होगा  जिस कारण या निशान बन गए ।
जाने बात बुझक्कड़ और
ना जाने कोए पांव में चाकी बंद कर
हिरण ना कुंदा होए
आप सभी गांव वाले यह सुनकर आश्चर्यचकित हो गए की लाल बुझक्कड़ जी को सभी बातों का पूर्णता ज्ञान है और उनकी प्रशंसा करने लगे तभी अचानक किसी ने बहुत दूर किसी पेड़ के किनारे हाथी बैठे हुए देखा अब क्या था लोगों ने पूछ फिर पूछा की लाल बुझक्कड़ जी यह क्या है
अब लाल बुझक्कड़ कुछ सोचे और बोले
जाने बाद बुझक्कड़ और ना जाने कोए और रात भर की अंधेरिया दुबक के बैठी होय
उन्होंने कहा की आज सूरज अचानक निकल आया होगा जिस कारण अंधेरा डर के मारे पेड़ के किनारे छिपकर बैठा है और अंधेरा होने का  इंतजार कर रहा है  यह सुनकर सभी लोग बड़े खुश हुए  और लाल बुझक्कड़ की  बड़ाई करते हुए  तालियां बजाने लगे  इसी तरह लाल बुझक्कड़ ने  कई समस्याओं का हल  किया  ।

18 comments:

  1. mere maa ki bachapan ki khani hai .aaj mujhe sunai.ishiliye search kiya

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  2. मेरे कोर्स (बाल भारती)में थी ये कहानी
    आज यादें ताजा हो गईं
    बहुत अच्छा लगा

    और कोई कहानी हो उस समय की कहानियां तो यहां शेयर जरूर कीजियेगा ...धन्यवाद..।।

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  3. Mere class 2 me thi lesson 2nd
    1997 M.P.

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  4. read in class 3 in 2002, only remember the part paon me chki band kar hiran na kuda hoye...

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  5. Interesting story ✌️✌️✌️✌️💐💐💐

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  6. Amazing and interesting solution of problems.Dr Anupam Bansal

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  7. बचपन याद आ गया

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  8. बहुत बढ़िया कहानी टाईपिंग की गलती ने अनेक शब्द बदल दिए। मज़ा खराब हो गया।

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